कोरोना वायरस की दवा मिल गयी ?

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कोरोना वायरस की दवा मिल गयी ?

आख़िरकार भारत में कोरोना की दवा मिल गयी. चीन के वुहान शहर से सुरु हुई कोरोना वायरस की बीमारी जिस ने पुरे दुनिया में हाहाकार मचाया हुआ है. जो लाखो लोगो की जान भारत में भी ले चुकी है उस कोरोना की दवा मिल गयी है. भारत और दुनिया के कोरोना के मरीजोंके आकड़े जो की इस वायरस के विनाशकारी परिणाम को दर्शाती, इसपर एक नज़र डालते है.

 भारतदुनिया
निश्चित कोरोना केसेस395,04086,90,000
कोरोना से ठीक हुये213,83142,70,000
मृत्यु12,9484,61,000

दिनबदिन बढती कोरोना केसेस सरकार और प्रशासन के लिए भी सिरदर्द बन गयी है. भारत में मार्च महीनेसे LOCKDOWN लगा दिया है. जो की समय समय पर बढ़ा दिया है, और अब वो जून के महीने में भी सक्रिय है. लेकिन सभी के लिए सबसे अहम् सवाल यही है, की आखिर कब तक यह LOCKDOWN चलेगा. पूरी दुनिया के वैज्ञानिक कोरोना वायरस की दवा बनाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे है. भारत में भी इस पे काम चल रहा है.

हलाकि कोरोना पे कोई एक दवाई की खोज अभी भी पुख्ता नहीं है, दुनिया भर के डॉक्टर अलग अलग दवाइयोंके मिश्रण से कोरोना मरीजों पे इलाज कर रहे है. जिसका काफी अच्छा असर देख ने को मील रहा है. और मरीजोंकी ठीक होने की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी गयी है.

आज हम इन्ही में से तीन दवाईयोंके बारे में जानेंगे

  1. HYDROXYCHLOROQUINE
  2. ARCENICUM ALBUM 30
  3. FAVIPIRAVIR

HYDROXYCHLOROQUINE

जैसे की आप जानते है की अमेरिका ने भारत से HYDROXYCHLOROQUINE नामक दवाई मांगी थी जो की मूलतः मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवाई है. लेकिन इसके इस्तेमाल से डॉक्टर तथा मेडिकल स्टाफ की कोरोना सक्रमण से प्राथमिक रक्षा की जा सकती है ऐसा कहा गया है.

ARCENICUM ALBUM 30

इस होमिओपॅथी दवाई को आयुष मंत्रालय https://www.ayush.gov.in/ ने कोरोना में शरीर की रोग प्रतिकार शक्ति बढ़ाने में सहायक माना है. भारत में कई जगह इसको लोगो को कोरोना वायरस की दवा के रूप में दिया गया है. इसको तीन दिन तक खाली पेट लेने से इन्फेक्शन से शरीर की रक्षा की जा सकती है. आयुष मंत्रालय की नीचे दी गयी लिंक पर जा कर आप इस के बारे में और पढ़ सकते है.

https://www.ayush.gov.in/docs/125.pdf

FAVIPIRAVIR

FAVIPIRAVIR

FAVIPIRAVIR गेलन्मार्क द्वारा बनायीं गयी दवा है जो की कोरोना के इलाज में कारगर पायी गयी है.

  • उनका दावा है की उनकी FAVIPIRAVIR कोरोना वायरस के रोगियों में प्रभावशाली पायी गयी है.
  • इस दवाई से वायरस के असर को मात्र 4 दिन के भीतर कम किया जा सकता है.
  • ग्लेनमार्क के मुताबिक इस एंटीवारयल दवाई का अच्छा असर 20 से 90 वर्ष आयु के रोगियों में देखा गया है.
  • सबसे अच्छी बात यह है की इस दवाई को कोरोना के मरीज जो मधुमेह तथा हृदयरोगी है उन में भी कारगर पाया गया है.
  • इस दवाई को मुँह से लिया जाता है (टेबलेट फॉर्म में) जिसके वजह से ये उन दूसरे दवाईया जिनमे इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है उनसे बेहतर विकल्प साबित होता है.

FAVIPIRAVIR को जापान में 2014 नोवेल या इन्फ्लुएंजा वायरस इन्फेक्शन के लिए इस्तेमाल हेतु प्रमाणित किया गया है. इसी के साथ ग्लेनमार्क ने कहा है की, वह अभी कुछ और क्लीनिकल ट्रायल पे काम कर रही है. जिसमे FAVIPIRAVIR और UMIFENOVIR इनके मिश्रण से एक अँटिव्हायरल दवाई की खोज कर रहे है. जोकि कोविड/कोरोना से अस्पताल में भरती रुग्णो पे इस्तेमाल की जा सकती है.

यह दवाई डॉक्टर के निर्देश के बाद ही ली जा सकेगी, इसकी कीमत 103 एक टेबलेट/गोली निर्धारित की गयी है. दवाई लेनेकी अवधि 14 दिनोंकी है.

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